Indian University Press | Mahabharat Katha |
वेदव्यास रचित महाभारत एक पौराणिक कथा है. जो युगों-युगों से भावी पीढ़ियों को मनुष्य-धर्म को शिक्षा देती आई है। महाभारत कुरुक्षेत्र की भूमि पर घटने वाली ऐसी अद्भुत कथा है. जिसने मानव मन की कमजोरियों और दुविधाओं के साथ उच्य मानवीय आदशों की स्थापना की। ब्रह्म सरोवर का संबंध इसी धर्मक्षेत्र से है, जिसके पवित्र जल में दुबकी लगाना हजारों अश्वमेध यज्ञों के सामान स्वीकार्य है। इस सरोपर की खुदाई का श्रेय प्रथमतः राजा कुरु को जाता है जो कौरवों और पांडवों के पूर्वज थे। स्थानीय परंपरा के मुताबिक महाभारत में पांडवों की विजय के प्रतीक स्वरूप युधिष्ठिर द्वारा सरोवर के बीच में स्थित वीप में एक मीनार बनाया गया था। उसी द्वीप परिसर में एक प्राचीन द्रौपदी कूप भी है। इस सरोवर के उत्तरी तट पर स्थित भगवान शिव के मंदिर को सर्वेश्वर महादेव कहा जाता है। परंपरानुसार, यहाँ ब्रहमा दुद्वारा शिव लिंग स्थापित किया गया था। मुगल सम्राट अकबर ने भी इस सरोवर की भव्यता को देखते हुए इसे लघु सागर की संज्ञा दी थी। इसी तरह की कई कथाओं का संवद्ध महाभारत कथा से है। छात्रों में नैतिक एवं धर्मसम्मत मूल्यों की स्थापना हेतु 41 अध्यायों में समायोजित इस पुस्तक 'महाभारत कथा' को तैयार किया गया है।
| Product Name | Indian University Press | Mahabharat Katha | |
|---|---|
| ISBN / Product Code | 9789368109211 |
| Edition | 2026-27 |
| School Books | Practice / Workbooks |
| Publisher | Indian University Press |
| Children Books : Reading | Story Books |
| HSN Code | 4901 |
| Company Details | Published by Indian University Press, 4712-14/21, Dayanand Rd, opp. Government Sarvodaya Kanya Vidyalaya, Old Delhi, Delhi-110002. In case of any queries regarding products please call at 9190-5500-6600 or email at [email protected] |








































