Indian University Press | Ram Katha |
कौशल क्षेत्र की पुरातन राजधानी अनध को बौद्ध काल में अयोध्या और साकेत के नाम से जाना जाता था। वैवस्वत 'सूर्य' के पुत्र नैवस्वत 'मनु' ने अयोध्या की स्थापना की। इसके बाद से सूर्यवंशी राजाओं का शासन महाभारत काल तक चला। दशरथ नंदन श्री राम का जन्म भी अयोध्या में हुआ था। श्री राम के जल समाधि के पश्चात अयोध्या वीरान हो गई थी, किंतु श्री राम जन्मभूमि का अस्तित्व ज्यों का त्यों बना रहा। बाद के कई राजाओं, महाराजाओं तथा राजनेताओं ने राम मंदिर का जीर्णोद्धार किया। राम मर्यादा के श्रेष्ठ पुरुष हैं। उनका व्यक्तित्व बहुत महान और अनुकरणीय है। वे भारतीय परंपरा एवं हिंदू संस्कृति के आदर्श पुरुष हैं। आज अयोध्या में निर्माणाधीन राम मंदिर की भव्यता अपने चरम सीमा पर है। श्री राम हमारे आराध्य हैं, जिनके जीवन की शीलता, सौंदर्यता और शक्ति की कथा प्रत्येक अवस्था के लिए अमृत स्वरूप है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए प्रस्तुत पुस्तक 'राम कथा' तैयार की गई है, जिसके अंतर्गत श्री राम के जीवन-वृत्तांत पर प्रकाश डाला गया है।
| Product Name | Indian University Press | Ram Katha | |
|---|---|
| ISBN / Product Code | 9789368107408 |
| Edition | 2026-27 |
| School Books | Practice / Workbooks |
| Publisher | Indian University Press |
| Children Books : Reading | Story Books |
| HSN Code | 4901 |
| Company Details | Published by Indian University Press, 4712-14/21, Dayanand Rd, opp. Government Sarvodaya Kanya Vidyalaya, Old Delhi, Delhi-110002. In case of any queries regarding products please call at 9190-5500-6600 or email at [email protected] |








































